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Friday, February 3, 2012

Mujhe Apni Sharan Mein Le Lo Ram

Movie: Tulsidas
Year: 1954
Music Director: Chandragupt
Lyrics: G S Nepali
Singer: Mohd. Rafi



अरे, जगमग जग में डगमग मेरे पाँव संभालो
गिरने दो तो चरण बढ़ा दो, गिर जाऊं तो तुम ही उठा लो

मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम

मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम

लोचन मन में जगह न हो तो 
लोचन मन में जगह न हो तो
जुगल चरण में ले लो राम, ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम

१.
जीवन देके जाल बिछाया
रच के माया नाच नचाया
चिंता मेरी तभी मिटेगी
चिंता मेरी तभी मिटेगी
जब चिंतन में ले लो राम, ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम

२.
तुमने लाखों पापी तारे
मेरी बारी बाज़ी हारे, बाज़ी हारे
तुमने लाखों पापी तारे
मेरी बारी बाज़ी हारे, बाज़ी हारे
मेरे पास न पुण्य की पूँजी
मेरे पास न पुण्य की पूँजी 
पद पूजन में ले लो राम, ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम

राम.. हे राम... 
राम.. हे राम...

३.
घर घर अटकूं, दर दर भटकूँ
कहाँ कहाँ अपना सर पटकूं
इस जीवन में मिलो न तुम तो राम.. 
हे राम..
इस जीवन में मिलो न तुम तो
मुझे मरण में ले लो राम, ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम

मुझे अपनी शरण में ले लो राम
मुझे अपनी शरण में ले लो राम

Ponch Kar Ashq Apni Aankhon Se

Movie: Naya Raasta
Year: 1970
Music Director: N Dutta
Lyrics: Sahir Ludhianvi
Singer: Mohd. Rafi


पोंछ कर अश्क़ अपनी आँखों से
पोंछ कर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने
पोंछ कर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने

१.
ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
ज़िन्दगी भीख में नहीं मिलती
ज़िन्दगी बढ़ के छीनी जाती है
ज़िन्दगी बढ़ के छीनी जाती है
अपना हक़ संगदिल ज़माने से
छीन पाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने

२.
रंग और नस्ल ज़ात और मज़हब
रंग और नस्ल ज़ात और मज़हब
जो भी हो आदमी से कमतर है
जो भी हो आदमी से कमतर है
इस हकीकत को तुम भी मेरी तरह
मान जाओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने

३.
नफरतों के जहान में हमको
नफरतों के जहान में हमको
प्यार की बस्तियां बसानी हैं
प्यार की बस्तियां बसानी हैं
दूर रहना कोई कमाल नहीं
पास आओ तो कोई बात बने
पोंछ कर अश्क़ अपनी आँखों से
मुस्कुराओ तो कोई बात बने
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा
सर उठाओ तो कोई बात बने